कान्हा... है मुझे अहसास वो तुझे क्यूं नहीं होता जो होता है || प्रियंका- मोर
कान्हा... है मुझे अहसास वो तुझे क्यूं नहीं होता जो होता है | मैं जो तुझे याद करूँ तो तू आसपास क्यूं नहीं होता || प्रियंका- मोर
कान्हा...
जो होता है मुझे अहसास वो तुझे क्यूं नहीं होता |
मैं जो तुझे याद करूँ तो तू आसपास क्यूं नहीं होता ||
तुझे देखे बिन सुकून मयस्सर नहीं मुझे |
मुझे देखे बिन तू उदास क्यूं नहीं होता ||
हर चीज इन आँखों से होकर गुजर गई |
अफसोस तु इन आँखों के पास क्यूं नहीं होता ||
सब लोग सफल हुए इस सफर ऐ जिंदगी से |
बस एक मुझे ही ये सफर रास क्यूं नहीं होता ||
हैं इन राहों में जख्म और दुश्वारियां बहुत |
मुझे ये सबक याद क्यूं नहीं होता ||
---"प्रियंका- मोर'
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